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जानिए,अगर पूजा या पाठ करते समय हो जाए कोई गलती, तो करें इस मंत्र का जाप-के सी शर्मा

सुप्रभात-!

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हिंदू सभ्यता में पूजा-पाठ का चलन पौराणिक काल से चला आ रहा है. हर कोई अपने विश्वास के अनुसार अपने आराध्य की पूजा करता है. हालांकि हर कोई अलग-अलग नियम से पूजा करता है. जब हम पूजा-पाठ या कोई कथा करते हैं अगर उसमें जाने अनजाने कुछ भूल हो जाती है. तो उसको लेकर हम बहुत परेशान हो जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपसे पूजा पाठ में कोई भूल हो जाए तो इसके लिए शास्त्रों में क्षमा याचना मंत्र बताया गया गया हैं.

इस मंत्र के उच्चारण से हम पूजा में कि गई गलतियों और भूल चूक के लिए ईश्वर से क्षमा मांगते हैं.

क्षमायाचना का मंत्र और उसका अर्थ

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्. पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर..

मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन. यत्पूजितं मया देव. परिपूर्ण तदस्तु मे..

अर्थात हे ईश्वर मैं आपका “आवाह्न” अर्थात् आपको बुलाना नहीं जानता हूं न विसर्जनम् अर्थात् न ही आपको विदा करना जानता हूं मुझे आपकी पूजा भी करनी नहीं आती है. कृपा करके मुझे क्षमा करें. न मुझे मंत्र का ज्ञान है न ही क्रिया का, मैं तो आपकी भक्ति करना भी नहीं जानता. यथा संभव पूजा कर रहा हूं, कृपा करके मेरी भूल को क्षमा कर दें और पूजा को पूर्णता प्रदान करें. मैं भक्त हूं मुझसे गलती हो सकती है, हे ईश्वर मुझे क्षमा कर दें. मेरे अहंकार को दूर कर दें. मैं आपकी शरण में हूं.

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